Articles by "Attitude Shayari"

मेरे लफ़्ज़ों पे मेरा ज़ोर नहीं,
कुछ इस क़दर मेरी पहचान है !
समझने वाले तो मुझे समझ गये,
जो नहीं समझे वो अब तक हैरान हैं !!

~मोhit Iyer

जो हैं उसको दिखाने की जरूरत क्या हैं?
अपनी पहचान बताने की जरूरत क्या है?
आपका क़िरदार दिखा देगा आपकी शख्सियत!
ढोलक पीटकर हल्ला करने की जरूरत क्या है?

~मोhit

अब बहुत हो चुकी अच्छाई,
अब खूबियां मैं अपनी दिखाऊंगा।

फिर लौटूंगा एक नए आदाज़ में,
सब देखेंगे मुझको, एक नया जहान बनाऊंगा।।

~puनीत पाthak

बहुत पहुँचा हुआ मुसाफ़िर मैं भी हूँ,
दिल भटकने में माहिर मैं भी हूँ।

कौन-कौन करेगा 'मोहित' इश्क़ से मुझको,
ग़र तू काफ़िर है तो ढीट मैं भी हूँ।।

~मोhit
✍✍

मैंने खुद अकेले रहने की सज़ा कुबूल की हैं,
ये मेरा प्यार हैं या मैंने कोई भूल की हैं।
ख़्याल आया है तो रास्ता भी बदल लेंगे,
अभी तलक़ तो मैंने अपनी बहुत ज़िंदगी फ़िज़ूल की हैं।।

ख़ुदा करे कि मैं ज़मी का ही हो जाऊं,
आधी से ज़्यादा अपनी ज़िंदगी मैंने सफ़र में धूल की हैं।
ये शौहरत, ये नाम हमें युही अता नही हुई हैं,
ज़िन्दगी ने हम से भी कई कीमत वसूल की हैं।।

~मोhit

सरहाना करता हूँ मैं, आपके जज़्बे का,
पूरा ज़माना ख़रीदना, ये बात किसी से कम नहीं...

पर आप बात कर रही है पूरे ज़माने की,
पर अफ़सोस ये की उस ज़माने से हम नहीं...

~मोhit

ज़माने में रहकर ,ज़माने की बात करता हुँ,
ख्वाबों में नहीं रहता,हक़ की बात करता हुँ।
ज़माने की इन रस्मों से परे है क़िरदार मेरा,
मैं मुश्किल सफ़र में हंसी की बात करता हूँ।।

~मोhit

डूब कर बाहर निकल जाऊं
ऐसी दिल्लगी मैं नहीं करता

निकल जाए चाहे जान भी
पर अपने क़दम पीछे नहीं करता

~मोhit

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