Articles by "Feeling Shayari"

ग़र दर्द हो रहा है, तो फिर उसे पुकार ले।
नए दर्द से अपने पुराने दर्द को संवार ले।।

बना ले नासूर इस क़दर अपने दर्द को 'मोहित'!
की दर्द के मारे सभी तुझसे कुछ दर्द उधार ले।।

~मोhit Iyer

रास्ते जो भी चमक-दार नज़र आतें हैं,
सब दिखावें के तारे नज़र आते हैं।

कोई पागल ही मुझे मोहब्बत से नवाज़ेगा,
आप तो ख़ैर मुझे समझदार नज़र आतें हैं।।

हाँ! ज़ख़्म भरने लगे हैं पिछली मुलाक़ातों के,
शायद फिर मुलाक़ात के आसार नज़र आतें हैं।

बस एक ही बार हुआ हूँ उन पर 'मोहित' 
और फिर वो ही लगातार नज़र आतें हैं।

~मोhit
✍✍

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निगाहें मेरी मुंतज़िर हैं, वो पूछती हैं जुस्तुज़ू क्या हैं,
हक़ीक़त ये हैं कि मुझे भी नही मालूम कि मेरी आरज़ू क्या हैं।

बदलतीं जा रही हैं करवटों पे करवटे दुनिया,
तज़ुर्बे पूछती हैं मुझसे की मेरी आयु क्या हैं।।

~मोhit

देखो न ज़िन्दगी मेरी कितनी सिमट गई,
भागते थे जिसके पीछे बच्चों की तरह,

और वो पतंग की तरह कट गई।

जिस जगह हम रखें थे उसको,
उस जगह से वो हट गई,

और एक रोज़ वो रोना चाहती थी,
आके वो फिर मुझसे लिपट गई।।

✍✍
~मोhit

मैंने खुद अकेले रहने की सज़ा कुबूल की हैं,
ये मेरा प्यार हैं या मैंने कोई भूल की हैं।
ख़्याल आया है तो रास्ता भी बदल लेंगे,
अभी तलक़ तो मैंने अपनी बहुत ज़िंदगी फ़िज़ूल की हैं।।

ख़ुदा करे कि मैं ज़मी का ही हो जाऊं,
आधी से ज़्यादा अपनी ज़िंदगी मैंने सफ़र में धूल की हैं।
ये शौहरत, ये नाम हमें युही अता नही हुई हैं,
ज़िन्दगी ने हम से भी कई कीमत वसूल की हैं।।

~मोhit

मुझपर भी है हज़ारो इल्ज़ाम, मुझसे दूर रहो,
तुम हो जाओगे मेरी ही तरह बदनाम, मुझसे दूर रहो।

तुम ऊगता सूरज, तुम ही तो आने वाला कल हो,
मैं हूँ एक ढलता हुआ शाम, मुझसे दूर रहो।।

सब ही जानते है अभिनेताओं का नाम,
ढूँढ़ो निर्देशक को वहीं हैं गुमनाम, मुझसे दूर रहो।

प्यास बहुत छोटी है तुम्हारी नही सम्भाल पाओगे,
मैं हूँ एक छलकता हुआ जाम, मुझसे दूर रहो।।

~मोhit
✍🏻✍🏻

मोहब्बत तो करूँगा, पर बयां नहीं करूंगा,
अब किसी से मोहब्बत की बात नहीं करूंगा।।
बेवज़ह लोग ग़लत समझ लेते हैं मुझे,
अब दिल, दर्द और इश्क़ की बात नहीं करूंगा।।

~मोhit✍✍

यादें है कुछ तुम्हारी,
जो मेरी शायरियों में क़ैद हैं,

वरना अपने दिल और दिमाग से कबका हटा दी मैंने, कसम से।।

~मोhit

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