Articles by "Inspirational Shayari"

सूरज की तपिश से
मैं ना डरूंगा,
मैं मंज़िल मेरी! मुकम्मल करूँगा।
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ख्वाबों को अपने मैं
पूरा करूँगा,
मैं मंज़िल मेरी! मुकम्मल करूँगा।
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हर क्षण हर दिन मैं
श्रम करूँगा,
मैं मंज़िल मेरी! मुकम्मल करूँगा।
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विफ़ल हुआ तो फिर
कोशिश करूँगा,
मैं मंज़िल मेरी! मुकम्मल करूँगा।
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धीरे-धीरे मैं सबको
मन-मोहित कर आगें बढूंगा,
मैं मंज़िल मेरी! मुकम्मल करूँगा।
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~मोHit अय्यर

समय का चक्र तो चलता ही रहेगा

समय का चक्र तो चलता ही रहेगा,
वक़्त तो यूँ बदलता ही रहेगा।
कभी खुशी तो कभी ग़म रहेगा ,
ये सब तो यूँ चलता ही रहेगा।।

मिलना-बिछड़ना तो लगा ही रहेगा,
सदा हस्ते रहो अच्छा रहेगा।
भाग्य तो उदय होता ही रहेगा
जब तक कर्म तू करता रहेगा।।

फूलो का खिलना-झड़ना होता ही रहेगा,
पर 'मोहित', पेड़ तो सीधा खड़ा ही रहेगा।
क्योंकि वक़्त तो यूँ बदलता ही रहेगा।
समय का चक्र तो चलता ही रहेगा।।

#मोHit_Iyer

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